शुभेच्छा
शुभेच्छा
नमस्कार,
मंगलमय दिवस हेतु हार्दिक शुभकामनाएं।
अपने सामर्थ्य का आभास आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करे।
ईश्वर की अपार अनुकंपा सदैव आप पर बनी रहे।
🙏🙏
सुभाषित
यथा ह्यल्पेन यत्नेन च्छिद्यते तरुणस्तरुः।
स एवाऽतिप्रवृध्दस्तु च्छिद्यतेऽतिप्रयत्नतः॥
एवमेव विकारोऽपि तरुणः साध्यते सुखम्।
विवृध्दः साध्यते कृछ्रादसाध्यो वाऽपि जायते॥
जैसे छोटे पौधे आसानी से तोड़े जा सकते हैं पर बड़े पेड़ नही, वैसे ही रोग का शुरुआत में ही उपचार करना आसान होता है, बढ़ने पर साध्य से असाध्य ही हो जाता है।
Just as a tender plant is easy to cut down, the same requires much more effort when fully grown. Likewise, any disease is manageable in the early stage; it becomes almost incurable when it grows.
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