शुभेच्छा
नमस्कार,
उल्लास, ऊर्जा , उत्तम स्वास्थ्य तथा उत्कृष्ट विचारों का निर्झर प्रवाह आपके दिवस को सार्थक करे।
ईश्वर की अपार अनुकंपा सदैव आप पर बनी रहे।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
सुभाषित
अहिंसाप्रतिष्ठायां तत्संनिधौ वैरत्यागः।
अहिंसा (मे) दृढ़ स्थिति हो जाने पर उस (योगी के) निकट (सब का) वैर छूट जाता है।
As a Yogi becomes firmly grounded in non-violence (Ahimsa), other people who come near will naturally lose any feelings of hostility.
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